तस्लीमा नसरीन पर हमला

तस्लीमा नसरीन पर हमला

एजेंसी

Tasleema Nasreen
ND
 
ख्तात लेखिका तसलीमा नसरीन पर हमला
प्रख्यात बांग्लादेशी लेखिका तसलीमानसरीन पर गुरुवार को मजलिस इत्तिहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के कार्यकर्ताओं ने यहाँ एक पुस्तक विमोचन समारोह में उन पर हमला किया। इस दौरान एक तेलुगू साहित्यकार और प्रेस…

तस्लीमा नसरीन पर उग्र हमला कर कट्टरपंथिंसों ने जाहिर कर दिया है कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ किस हद तक जा सकते हैं।भोपाल के साहित्यकारों और कलाधर्मियों ने हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की हैः.
   तस्लीमा पर हमला  उन कायर और कट्टरपंथी ताकतों की साजिश है जिन्हे विचारों की स्वतंत्रता पसंद नहीं है।यह लोग कबूल नहीं कर पाते कि कोई उनके खयालों से जुदा कोई खयाल जाहिर करें।हमलावरों पर कड़ी कार्रवाई हो ताकि कोई लेखको पर हमले का दुस्साहस न कर पाए।
                                        -.विजयबहादुर सिह,विचारक.लेखक
मैं नहीं कहता कि तस्लीमा का विरोध न हो।अगर किसी को उनसे असहमित है तो इसे जताने के शान्तिपूर्ण रास्ते भी है।प्रजातंत्र में सबको अपनी बात कहने.सुनने का हक है लेकिन लट्ठबाजी का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
                         –.देवेन्द दीपक,साहित्यकार
मैं इस घटना के बारे में सोचकर शर्मिदगी से भर गया हूं।तस्लीमा पर हमले की जितनी भर्त्सना की जाए कम है।तस्लीमा को भारत में कड़ी सुरक्षा दी जाए।गुनहगारों को ऐसा सबक खिखाया जाए जो कट्टरपंथी संगठनों के लिए सबक साबित हो।
                            -.मंहूर एहतेशाम,शायर लेखक

हैदराबाद।प्रख्यात लेखिका तस्लीमा नसरीन पर आज हैदराबाद में मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। तस्लीमा पर यह हमला हैदराबाद प्रेस क्लब में किया गया।

एक बुक रिलीज कार्यक्रम के दौरान विधायकों अफसर खान, अहमद पाशा और मौजूम खान के नेतृत्व में मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के 20 कार्यकर्ताओं ने लेखिका के खिलाफ प्रेस क्लब में नारेबाजी की और हमला किया। नसरीन यहां अपने नवीनतम उपन्यास शोध के तेलुगु संस्करण के लोकार्पण के लिए मौजूद थीं।

कार्यक्रम जब संपन्न होने की ओर था तभी एमआईएम कार्यकर्ता कांफ्रेंस हॉल में दाखिल हुए और प्रेस फोटोग्राफरों पर हमला कर दिया। फर्नीचर और कांच तोड़ने के बाद कुछ कार्यकर्ता मंच पर चढ़ गए और लेखिका पर भी हमला किया। बाद में पुलिस ने विधायकों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्यक्रम में कई लेखिकाएं और कुछ संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

गौरतलब है कि तस्लीमा नसरीन से मुस्लिम कट्टरपंथी काफी खफा हैं। लज्‍जा उपन्यास छपने के बाद उनके खिलाफ फतवा भी जारी किया जा चुका है। वे बांग्लादेश की निवासी हैं।

Published in: on August 10, 2007 at 2:06 am

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