साहित्यकारों के लिए शुरू होंगे पुरस्कार

साहित्यकारों के लिए शुरू होंगे पुरस्कार
भोपालः साहित्यकार,गीतकार और कवि अपना पूरा जीवन साहित्य व संस्कृति को समर्पित कर देते हैं,लेकिन उनको सही प्रतिफल नहीं मिलता।इसलिए राज्य सरकार ने अब प्रदेश के साहित्यकारों,गीतकारों और कवियों के लिए पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए योजना चालू की जा रही है।
    यह बात मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के सचिव मनोज श्रीवास्तव ने मप्र लेखक संघ के 2007 के सम्मान समारोह में कहीं।विशिष्ट अतिथि के रूप में उन्होने कहा कि साहित्यकारों के लिए सरकार कई योजनाएं शुरू करेगी।साहित्यकार रमेशचन्द्र शाह ने कहा कि लेखक साहित्यकार को सही रूतबा व सम्मान नहीं मिल पाता।साहित्य अकादमी के निदेशक  श्री देवेन्द्र दीपक  ने कहा कि लेखक संघ किसी गुट व दल से नहीं जुड़ा है। इसलिए उसकी आवाज़ निचले वर्ग तक जाती है।

Published in: on October 29, 2007 at 1:36 pm Comments (0)

कविता संग्रह पर विचार विमर्श

aकविता संग्रह पर विचार विमर्श
समकालीन हिन्दी कविता के कवि राजकुमार केसवानी के नवीनतम कविता संग्रह ‘ सांतवां दरवाज़ा ‘ पर रविवार दि 28.10.07 को स्वराज भवन में विचार विमर्श आयोजित किया गया।इस मौके पर केसरवानी ने अपने  काव्य संग्रह से चुनिंदा कविताओं का पाठ किया। कवि पंकज राग ने कहा,सातवां दरवाज़ा में सादगी और सूफियाना बेगानापन है।कविताओं में झलकती सादगी सिर्फ ऊपरी है लेकिन उनमें गहराई है।इन कविताओं के माध्यम से समाज की विडंबना सामने आती है।इस संग्रह में ईश्वर के माध्यम से समाज की मानवीयता और अमानवीयता को सामने लाया गया है।

Published in: on October 4, 2007 at 5:21 pm Comments (0)