नवीन कपूर

 picture-082

क्यों पी इतनी

        रघुनाथ को डाक्टर ने हिदायत दे रखी थी कि वह अधिक मदिरा नहीं पिए बल्कि यथाशीघ्र कम कर पीना बन्द कर दें । रघुनाथ ने डाक्टर की हिदायत को गंभीरता से नहीं लिया । एक विवाह समारोह में उसने पुन: कुछ अधिक ही पी ली । उसके मित्र ने उसे कहा भी-

    यार तुम ज्यादा पी रहे हो । डाक्टर ने तुम्हें

        नवीन कपूर

मना किया हुआ है।

         अरे कुछ नहीं होगा यार डाक्टर लोग तो बस यूँ ही डराते है। शादी के मौके पर पी ली तो क्या हुआ । शादी रोज़-रोज़ थोड़ें ही होती है।

        रघुनाथ ने बेपरवाही से मुस्कराते हुए कहा । वह काफी देर तक पीते रहा । विवाह समारोह समाप्त हुआ । वह बस से घर लौट पड़ा । बस अभी मात्र कुछ ही दूर चली थी कि रघुनाथ के सीने मे दर्द उठा वह तड़प उठा उसे हृदयाघात हुआ और मौके पर ही उसकी सांस उखड़ गई। उसके प्राण पखेरू उड़ गए ।

         वह अपने पीछे पत्नी दो बेटे और दो बेटिया  जो अभी छोटे-छोटे ही थे । उसकी पत्नी पति का शव देख-देख रोते रही,जैसे पूछ रही हो-

        क्यों पी इतनी  क्या परिवार से ज्यादा प्यारी शराब थी

 

2-सम्राट

        महामंत्री सम्राट होने का मतलब ही जिम्मेदारियों का बोझ उठाना होता है। सभी ने मुझ पर विश्वास कर सम्राट के इस सर्वोच्च पद पर बैठाया है । अब मेरा यह परमकर्तव्य बन जाता है कि मैं सभी के सहयोग से ही उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाऊँ ।

        अभिनव की असाधारण काबलियत को देखते हुए विशालतम राज्य की न्यायपसंद जनता ने उसे हमेशा के लिए अपना सम्राट चुन लिया । एक सभा में महामंत्री व्दारा यह राय प्रदान की गई-

        सम्राट आप भी पहले एक इन्सान है । आपको भी कुछ आराम करना चाहिए ।

        मैं तब ही आराम करूँगा,जब रियाया के लिए कुछ नेक काम कर सकूँ।

        दरअसल अभिनव का राज्य अब तेजी से लोकतांत्रिक स्वरूप में ढलता जा रहा था । जो प्राचीन राजाओं के वंशज चले आ रहे थे । अब उन की अगली पीढ़ी में वह काबलियत नहीं थी । जो पहले के प्रतापी राजाओं में हुआ करता थी । इसीलिए वर्तमान में वृद्ध हुए महाराज अपने विशालतम राज्य में से अपने तेजस्वी गुरू की सहायता से आम रियाया का भी सुझाव लिया गया । अभिनय में वह काबलियत देखी और अपने मंत्रिमण्डल से भी गहन विचार विमर्श कर अभिनव को सम्राट नियुक्त कर दिया । अभिनव ने भी पूरी जिम्मेदारी पूर्ण गंभीरता से स्वीकार की और यथाशीघ्र एक ऐसे नियम का एलान किया जिसमे तहत राज्य का आम आदमी भी इस प्रावधान के माध्यम से सीघे सम्राट तक अपनी समस्या पहुँचा सके । अभिनव समझ चुका था कि अब उसे सम्राट के रूप में अपने विशाल राज्य के लोगों की भलाई हेतु पूरी योजना के साथ प्रचुर मात्रा में नेक कार्य करने हैं।

0000

अवसर

                शैलेश विद्यालय में सातवीं कक्षा में पढ़ता था । कुछ समय हुआ उसने अनुचित संगत में पड़कर बढ़ाई बीच में ही छोड़ दी । उसने नशीले पदाथोZ का सेवन करना प्रारंभ कर दिया । उसके मोहल्ले का दोस्त अश्विनी जो उसके करीब है किसी कार्य से कुछ समय के लिए शहर से बाहर गया हुआ था । वापस आने पर अश्विनी को शैलेश के बारे में परिवार के लोागे से पता चला उसको मिलने पर उसके घर जाने पर कि कभी-कभी तो शैलेश दो दिनों तक घर भी नहीं आता है।  अश्विनी ने शैलेश को ढूँढा तथा मित्रता के हक से समझाया कि देखो शैलेश तुम खुशनसीब हो कि तम्हें पढ़ने लिखने का अवसर मिला है तुम्हारे माता-पिता पढ़ाई का खर्च दे सकते हैं । ज़रा कभी उन बच्चों के बारे में सोचो जिन्हें निर्धनता के कारण पढ़ने का अवसर नहीं मिलता । विशेषत: वे बच्चे जो माता-पिता के अभाव में बचपन में ही कदम  न रखकर सीधे बोझ भरी जिन्दगी में कदम रखते हैं। क्योंकि अनाथाश्रम भी हर अनाथ बच्चे को नसीब नहीं होता । हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़े लिखे । प्राथमिक शिक्षा तो प्राप्त करें ही और एक तुम हो कि अपना कीमती समय मादक पदाथोZ के सेवन में बबाZद कर रहे हो और साथ में परिवार को भी पेरशानी में डाल रहे हो । अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा शैलेश । संभल जाओ तथा अच्छा पढ़-लिखाकर देश की तरक्की में स्तरीय योगदान प्रदान करो । लज्जित हो शैलेश बोला मुझसे भूल हो गई मित्र अश्विनी मैं भटक गया था इस नशीले धूएं में खो कर । यह भूल गया था कुछ देर के लिए कि यह अनमोल जीवन और तुम जैसे नेक मित्र बारम्बार नहीं मिलते ।  कहते हुए शैलेश ने नशेवाली सिगरेट फेंक दी ।

                                                नवीन कपूर

                                                  कपूर निवास

                                                31@5 शान्तविहार खानपुर चौक

                                                पठानकोट पंजाब-भारत

                                                145001

                                        दूरभाष : 0186   -2230303   

                                                  0186       2290309

Published in: on February 26, 2009 at 8:16 am Leave a Comment

The URI to TrackBack this entry is: http://choupal.wordpress.com/2009/02/26/%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/trackback/

RSS feed for comments on this post.

Leave a Comment