यह कैसी आज़ादी

कृष्णशंकर सोनाने

भारत की 61 वीं आजादी के वर्षगांठ पर

यह कैसी आज़ादी जिसमें…..

0 पुलिस और न्यायाधीश कानून की मनमानी व्याख्या कर कानून का दुरूपयोग करते हैं।

0 रक्षक ही भक्षक बन गए हैं।

0 निरापराधियों को अपराधी सिद्ध किया जाता है।

0 अंग्रेजों व्दारा बनायी गई भारतीय दण्ड संहिता 1860 भारतियों पर अब भी थोपी जा रही है।

0 गोरे अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए किन्तु काले अंग्रेज भारतियों पर शासन कर रहे हैं।

0 भ्रष्टाचार,लूटमार और  आतंक के बादल सदैव मंडराते रहते है।

0 अब भी कमजोर नागरिकों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।

0 मक्कार सिंहासन पर आसीन है और सज्जनों की दुर्गति हो रही है।

Published in: on अगस्त 15, 2008 at 4:03 पूर्वाह्न  टिप्पणी करे