हौसलों और उम्मीदों का पैगाम देते गीत

‘जिसको सदियों तक जमाना  भूल कर दोहराएगा,जिन्दगी के नाम ऐसे गीत जाएंगं हम…हौसलों और उम्मदों का पैगाम देते कवि गजलकार विनोद तिवारी का यह नगमा जब संगीत के सुरताल का तानाबाना लिएं गूंजा तो माहौल में कविता की खुशबूदार रंगतें बिखर गई । श्री तिवारी के ऐसे ही कुछ गीतों को मुकम्मल धुनों पर सजाकर आडियो अलबम ‘कुछ गीत जिन्दगी के नाम’ की शक्ल में जारी किया । वनमाली सृजनपीठ के अरेरा कालोनी स्थित अध्ययन केन्द्र में आयोजित समारोह में डा सी बी रमन विवि के कुलाधिपति तथा प्रसिद्ध कथाकार कवि श्री संतोष चौबे विशेष रूप से उपस्थित थे ।  आठ टेक के इस एलबम में,चट्टानों में कठिन थी राह,इठलाती हुई चल दी…बाहर चुप है,अंदर चुप है..जैसे खूबसूरत नगमों से लबरेज है। समारो में राजेश जोशी,प्रो कमला प्रसाद,राजेन्द शर्मा आदि वरिष्ठ साहित्यकार,संस्कत कर्मी और संगीत प्रेमी उपस्थित थे ।

Published in: on जुलाई 9, 2010 at 3:24 पूर्वाह्न  टिप्पणी करे